मैं अपना मुँह देख सकूँ

बॉस: मेरे लिए एक शीशा ले के आओ
जिसमे मैं अपना मुँह देख सकूँ

संता : नहीं मिला सर
सब शीशों पर मेरा ही
मुँह दिखाई दे रहा था!

संता एक पेड़ पर उल्टा लटका हुआ था

संता एक पेड़ पर उल्टा लटका हुआ था,
बंता: उल्टा क्यों लटके हो,
संता: मैंने सर दर्द की गोली खाई थी,
कही पेट में न चली जाये.