अपना हम सफ़र बना ले तू मुझे

अपना हम सफ़र बना ले तू मुझे
तेरा ही साया हूँ अपना ले मुझे
ये रात का सफ़र ओर भी हसीन हो जाएगा
तू आजा मेरे सपनो मे या बुला ले मुझे अपने सपनो!!

मेरे जीने के लिए तेरा अरमान ही काफ़ी हैं

मेरे जीने के लिए तेरा अरमान ही काफ़ी हैं
दिल के कलम से लिखी ये दास्तान ही काफ़ी हैं!

तीर-ए-तलवार की तुझे क्या ज़रूरत-ए-नाज़नीन
क़त्ल करने के लिए तेरी मुस्कान ही काफ़ी हैं!!

मेरी भी ज़िद है की उसपे मरता चला जाऊं

प्यार उससे इस क़दर करता चला जाऊं
वो ज़ख़्म दे और मैं भरता चला जाऊं
उसकी ज़िद है की वो मुझे मार ही डाले
तो मेरी भी ज़िद है की उसपे मरता चला जाऊं!!

तू ज़िंदगी में सब से अज़ीज़ है हमे

तेरे बिना हम जीना भूल जाते हैं;
ज़ख़्मो को सीना भूल जाते हैं;
तू ज़िंदगी में सब से अज़ीज़ है हमे;
हम तेरे साथ होते है;
तो दुनिया भूल जाते हैं!